07/01/2015

यौन फ़िल्मों की अभिनेत्री की जीवन गाथा

हमारे स्थानीय पुस्तकालय वाले हर तीन महीने में पुस्तकालय की नयी खरीदी किताबों की सूची भेज देते हैं. जब अगस्त की सूची मिली तो मेरी दृष्टि एक किताब की लेखक के नाम पर रुक गयी. किताब का नाम था "कुछ मजबूरी, कुछ प्यार" (Per amore e per forza) और लेखिका का नाम था इलोना स्तालर (Ilona Staller). पुस्तक के परिचय में लिखा था कि यह चिचोलीना के नाम से प्रसिद्ध यौन फ़िल्मों यानि पोर्नो फ़िल्मों की अभिनेत्री इलोना की आत्मकथा थी.


इधर बहुत वर्षों से चिचोलीना (Cicciolina) का नाम नहीं सुना था पर एक ज़माने में वह इटली में बहुत प्रसिद्ध थीं.

इतालवी समाज बहुत से मामलों में एक पारम्परिक समाज है जो कैथोलिक धर्म की बातों को बहुत गम्भीरता से लेता है पर दो बातों के लिए यह समाज बहुत उदार है, पहला मदिरा पान और दूसरा, यौन विषयों पर फिल्में या किताबें.

चूँकि सारे देश में वाईन बनाने वाले अँगूर होते हैं, बहुत से घरों में लोग स्वयं अपनी वाईन बनाते हैं इसलिए मदिरापान की बात समझ में आती है. बचपन से ही सबको वाईन चखने का या विषेश अवसरों पर पीने का मौका मिलता है. पर इस तरह आराम से बिना किसी रोक रुकावट के वाईन मिलने का यहाँ के नवजवानों पर कोई बुरा असर नहीं दिखता. नशे में धुत, मतली करते नवजवान जैसे लंदन या फ्रैंकफर्ट में दिखते हैं वैसे इटली में कभी नहीं देखे.

पर यह समाज यौन विषयों पर बनी फ़िल्मों और किताबों के लिए इतना उदारवादी कैसे हो गया, यह समझ नहीं आता. हर अखबार वाली दुकान पर इस तरह की किताबें और फ़िल्में खुलेआम बिना किसी रोकटोक के बिकती हैं. यही नहीं, दस पंद्रह साल पहले तक इन फ़िल्मों के काम करने वाले प्रसिद्ध लोग भी आम टीवी के कार्यक्रमों में दिख जाते थे. आजकल यह कम होता है शायद क्योंकि आजकल इन फ़िल्मों में काम करने वाले अधिकतर लोग पूर्वी यूरोप के देशों से लिये जाते हैं, उन्हें इतालवी भाषा बोलनी नहीं आती.

करीब पच्चीस साल पहले मैंने चिचोलीना को एक नव वर्ष के कार्यक्रम में टीवी पर देखा था. जैसे ही रात के बारह बजे थे, वह अँधेरे में मोमबत्ती लिये आयीं थी, सारा शरीर केवल फ़ूलों की मालाँओं से ढका था. उनका नव वर्ष का नृत्य और वह बहुत सुंदर लगी थीं.

पुस्तकालय से उनकी जीवनकथा की किताब को बहुत चाव से ले कर आया. उनकी जीवन कहानी में बहुत से मोड़ हैं. हँगरी में जन्मी इलोना बुडापेस्ट में एक बड़े होटल में वेट्रेस बनी, उसी काम के दौरान उन्हें जासूसी करने का काम मिला, यानि उनका काम था होटल में ठहरे जाने माने लोगों से शारीरिक सम्बंध बनाना और छुप कर उनके कागज़ों की फोटो खींचना. एक इतालवी युवक का प्यार उन्हें हँगरी छोड़ कर इटली ले आया, जहाँ वह युवक उन्हें अकेला छोड़ गया और वह पोर्नो फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री चिचोलीना बन गयीं, कई फ़िल्में बनाने वह अमरीका भी गयीं. बड़ी पत्रिकाओं में उनकी तस्वीर छपीं. फ़िर इटली में वह संसद सदस्य बनी पर उन्होने अपना यौन फिल्मों का काम जारी रखा. एक दूसरा प्यार हुआ और विवाह भी जिससे एक बेटा हुआ, पर उनका पति बेटे को ले कर उन्हें छोड़ गया. बेटे को पाने के लिए उन्होंने अपने पुराने पति पर मुकदमा किया जिसे वह नवम्बर 2006 में जीतीं और ग्यारह साल के बाद उन्हें अपना बेटा मिल गया.


इस किताब से जल्दी ही दिल भर गया और पूरी पढ़ने में काफ़ी मेहनत करनी पड़ी. इसकी सबसे बड़ी वजह है, इलोना जी का लिखने का तरीका. सीधा सपाट लिखा है, कोई उतार चढ़ाव नहीं. चाहे वह फिल्म सेट पर अपना बलात्कार हो या बेटे से बिछुड़ने की तकलीफ, उनका लेखन यूँ है सब कुछ बहुत सतही लगता है. वह हिस्सा जिसमें रेडिकल पार्टी वालों की बात है जिन्होंने उन्हें शरीर बेचने के व्यवसाय से निकलने का सोच कर उन्हें संसद सदस्य बनवाया था, कुछ दिलचस्प है. किताब में लिखा है कि वे लोग हैरान गये जब इलोना जी ने संसद सदस्य बनने के बाद भी यौन फ़िल्म बनाना नहीं छोड़ा और पार्टी वालों के पूछने पर बोलीं कि "यह तो मेरा काम है और मुझे अपने काम पर गर्व है, उसे क्यों छोड़ूँ? क्या कोई डाक्टर या व्यापारी संसद सदस्य बनने के बाद अपना काम छोड़ता है?" उनके अनुसार इस बात के बाद रेडिकल पार्टी ने उन ज़ोर डाला कि वह संसद से इस्तीफा दे दें पर वह नहीं मानी.

जो लोग उनसे उनके काम की नैतिकता की बात करते हैं इलोना का उत्तर है कि यौन फ़िल्मों को करोड़ों लोग खरीदते और देखते हैं, दुनिया के कोई भी अन्य व्यापार में घाटा नफा चलता है पर इस काम केवल फायदा ही फायदा है तो समाज के इस सत्य को छुपाने से क्या लाभ? वह नहीं मानती कि उनके यौन फिल्म अभिनेत्री होने में कोई बुराई थी, कहती हैं, "कुछ लोग अपना दिमाग बेचते हें काम के लिए, कुछ लोग शरीर की मेहनत का खाते हैं. मैं भी शरीर की मेहनत बेचती थी. मुझे अपनी अतीत से कोई शिकायत नहीं, आज भी उसी अतीत का खा रही हूँ, उसी प्रसिद्धी की वजह से आज भी मुझे होटलों, टीवी शो आदि में काम मिलता है, उसी की कमायी से मैं घर चलाती हूँ. मुझे गर्व है अपने काम पर."

आज उनका अपना अंतर्जाल पृष्ठ हैं जहाँ सदस्य बन कर आप उनकी फ़िल्में देख सकते हैं.

यौन फ़िल्मों की अभिनेत्री थीं, इसलिए किताब में यौन विषयों के बारे में बात होना स्वाभाविक ही है, पर इलोना उस सब के बारे में उसी अँदाज में लिखती हैं मानो डाक्टर अपने मरीजों की या व्यापारी अपने सामान की बात कर रहा हो.
***

पिछले एक माह से भी अधिक हो गया कुछ लिखा नहीं तो कुछ लोगों ने पूछा कि क्या मैं ठीक ठाक तो हूँ? मैं बिल्कुल ठीक हूँ पर एक बड़े काम में बहुत व्यस्त हूँ इसलिए चिट्ठे पर नहीं लिख पा रहा, न ही कोई चिट्ठा पढ़ पाता हूँ. अगले दो महीने तक ऐसे ही चलेगा. कोशिश करूँगा कि बीच बीच में कुछ लिख सकूँ.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें